कहानियां
मछुआ और मंत्री
एक राजा था। उसे रोज तुरंत पकड़ी गई मछलियाँ खाने का शौक था। एक दिन समुद्र में भयंकर तूफान आया। कोई भी मछुआ समुद्र में मछली मारने नही गया। इसलिए राजा को तुरंत पकड़ी हुई मछली नही मिल सकी। राजा ने घोषणा करा दी। कि उस दिन जो भी तुरंत पकड़ी हुई मछली राजा के पास लाएगा। उसे भरपूर इनाम दिया जाएगा। एक गरीब मछुए ने यह घोषणा सुनी जान जोखिम में डालकर समुद्र से मछलियाँ पकड़ी और राजमहल पहुँचा राजमहल के पहरेदारो ने उसे फाटक पर रोक दिया वे उसे राजा के मंत्री के पास ले गए।
मंत्री ने मछुए से कहा, “मैं तुम्हे राजा के पास जरूर जाने दूँगा पर तुम्हे राजा से जो ईनाम मिलेगा। उस में आधा हिस्सा होगा।” मछुए को मंत्री का यह प्रस्ताव पसंद नही आया। फिर भी उसने मन मारकर उसे स्वीकार किया।
